एक शख्सियत जो किसी परिचय की मोहताज नहीं है। श्री मनोज कुमार मिश्रा जो सीकर में परिश्रम कोचिंग सेंटर के नाम से हिंदी और संस्कृत से अध्यापक पद के लिए तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। इसके अलावा पटवार और ग्रामसेवक जैसे पदों के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
अध्यापक भर्ती के लिए तैयारी के दौरान दो बार गुरूजी का सान्निध्य प्राप्त हुआ। द्वितीय श्रेणी 2011 में 1% से चयन से वंचित रहने पर आपने एक नई ऊर्जा भरी और तृतीय श्रेणी 2012 में चयन करवा गया। हिंदी विषय के कुल 60 में से 60 प्रश्नों के सही जवाब के साथ।
मुझ पर कुछ खास प्रेम भी रहा है। फीस में भी भारी छूट जहाँ मुझे दी गई वहीँ मेरे मित्र महेश निठारवाल ( जो कि गुरूजी को कहते हुए शंकित थे) ने मुझे कहा और मैंने गुरूजी को। मेरे कहने मात्र से आपने बिना किसी शर्त के महेश का मार्गदर्शन किया।
कल महेश ने बताया कि उसका द्वितीय श्रेणी अध्यापक की परीक्षा आशानुरूप हुआ है। चयन हो जायेगा। आज गुरूजी से बात करनी चाही पर नेटवर्क धोखा दे गया।
आज मैं व्याख्याता पद पर प्रतापगढ़ के कचोटिया में अपनी सेवा दे रहा हूँ, ये सब गुरूजी की कृपा का फल है। इस हेतु मैं और मेरा परिवार गुरूजी के सदैव आभारी रहेंगे।
गुरूजी के साथी श्री उपेंद्र जी ने भी सदा प्रोत्साहित किया और खुद को किसी भी हाल में किसी से कमतर न आँकने का सबक सिखाया है। आपका भी तहेदिल से आभारी रहूँगा।
Manoj Kumar Mishra
Mahesh Nitharwal
Upendra Sharma
अध्यापक भर्ती के लिए तैयारी के दौरान दो बार गुरूजी का सान्निध्य प्राप्त हुआ। द्वितीय श्रेणी 2011 में 1% से चयन से वंचित रहने पर आपने एक नई ऊर्जा भरी और तृतीय श्रेणी 2012 में चयन करवा गया। हिंदी विषय के कुल 60 में से 60 प्रश्नों के सही जवाब के साथ।
मुझ पर कुछ खास प्रेम भी रहा है। फीस में भी भारी छूट जहाँ मुझे दी गई वहीँ मेरे मित्र महेश निठारवाल ( जो कि गुरूजी को कहते हुए शंकित थे) ने मुझे कहा और मैंने गुरूजी को। मेरे कहने मात्र से आपने बिना किसी शर्त के महेश का मार्गदर्शन किया।
कल महेश ने बताया कि उसका द्वितीय श्रेणी अध्यापक की परीक्षा आशानुरूप हुआ है। चयन हो जायेगा। आज गुरूजी से बात करनी चाही पर नेटवर्क धोखा दे गया।
आज मैं व्याख्याता पद पर प्रतापगढ़ के कचोटिया में अपनी सेवा दे रहा हूँ, ये सब गुरूजी की कृपा का फल है। इस हेतु मैं और मेरा परिवार गुरूजी के सदैव आभारी रहेंगे।
गुरूजी के साथी श्री उपेंद्र जी ने भी सदा प्रोत्साहित किया और खुद को किसी भी हाल में किसी से कमतर न आँकने का सबक सिखाया है। आपका भी तहेदिल से आभारी रहूँगा।
Manoj Kumar Mishra
Mahesh Nitharwal
Upendra Sharma
No comments:
Post a Comment