Monday, 27 April 2020

ब्राह्मण समाज में ज्यों अछूत

नामवर सिंह की पुस्तक #दूसरी_परंपरा_की_खोज के दूसरे लेख '#ब्राह्मण_समाज_में_ज्यों_अछूत' से कुछ पंक्तियाँ। इस लेख में बताया गया है कि हजारी बाबा को काशी से बहुत प्यार था। वे वहीं रहना चाहते थे लेकिन उनके विचारों को काशी का दकियानूसी ब्राह्मण समाज पचा पाने में अक्षम था। इस कारण उनका भयंकर विरोध हुआ। इसी के चलते वे रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा बुलाये जाने पर शांतिनिकेतन चले गए। उसी दौरान काशी विश्वविद्यालय से हिंदी विभागाध्यक्ष पद के लिए बुलावा आया लेकिन नहीं गए। क्योंकि बुलावे के साथ-साथ कुछ और पत्र भी गए जिनमें स्पष्ट तौर पर धमकियाँ और गालियाँ लिखी हुई थीं। इस संदर्भ में वे डॉ. शिवमंगल सिंह 'सुमन' को एक पत्र लिखते हैं जिसमें अपने दुःख का जिक्र किया है। वे धमकी और गाली देने वालों की घृणास्पद बातों का जिक्र करते हैं। लिखते हैं कि मन बहुत दुःखी होता है लेकिन अंततः आपकी बात याद आती है और इन सबसे छुटकारा पा लेता हूँ। बात कुछ इस प्रकार थी-
हम विषपायी जनम के, सहे अबोल कुबोल।
मानत नेकु न अनख हम, जानत अपुनो मोल।।

फिर दो साल बाद काशी से पुनः बुलावा आता है और 1950 में वे चले जाते हैं। फिर भी आरोप लगते रहे। खासकर उनकी विद्वता और राजनीतिक आश्रय को लेकर। इस क्रम में फिर काशी छोड़नी पड़ी। 7 साल के लिए चंडीगढ़ प्रवास पर रहे। फिर काशी और फिर लखनऊ गए। ये सिलसिला चलता रहा। इसी चलायमान जीवन में, दुःख की घड़ी में वे खुद को तुलसी के समान मानते हैं। उन्हें भी काशी कभी स्वीकार नहीं कर पाई थी। विशेषकर काशी के पाखंडी पंडे। अब कुछ पंक्तियाँ-

1. बड़े तेज को बर्दाश्त नहीं कर सकने से लोग गाली-गलौज पर उतर आते हैं।

2. भला जिस जगह (पद) को पाकर आदमी मनुष्यता के स्तर पर ही न रह सके उस जगह को लेकर क्या करना।

3. दरिद्रता का अभिशाप यह है कि पैसे की चिंता करनी पड़ती है पर दरिद्रता का एक वरदान यह भी है, पैसा हमें ज्यादा प्रलुब्ध नहीं कर सकता है।

4. गरीब का सबसे भयंकर शत्रु उसका पेट होता है। गरीब का दूसरा दुश्मन उसका सिर होता है जो झुकना नहीं चाहता। जो झुकना चाहता है वह भी शत्रु ही है।

5. भारतीय काव्यालोचन शास्त्र का इतना गंभीर और स्वतंत्र विचारक हिंदी में तो दूसरा हुआ ही नहीं, अन्यान्य भारतीय भाषाओं में भी हुआ है या नहीं, ठीक नहीं कह सकते। शायद नहीं हुआ। (हजारी बाबा पर शुक्ल के विरोधी होने के आरोप अकसर लगते रहे हैं। इसी के प्रतिक्रियास्वरूप 'हिंदी साहित्य की भूमिका' में आए इस प्रसंग को शुक्ल के प्रति हजारी बाबा की श्रद्धास्वरूप प्रस्तुत किया है।)

6. काशी का यह शुक्ल-पक्ष वस्तुतः आचार्य शुक्ल का कृष्ण पक्ष था : घोर दकियानूसी हथियारों को छिपाने के लिए आचार्य शुक्ल के उज्ज्वल नाम की नकाब!

7. जब मैकदा छुटा तो फिर अब क्या जगह की कैद।
    मसजिद हो मदरसा हो कोई और खानकाह हो।।

8. कुटज क्या केवल जी रहा है? वह दूसरे के द्वार पर भीख माँगने नहीं जाता, अपनी उन्नति के लिए अफसरों का जूता नहीं चाटता, आत्मोन्नति के हेतु नीलम नहीं धारण करता, अँगूठियों की लड़ी नहीं पहनता, दाँत नहीं निपोरता, बगलें नहीं झाँकता। (यहाँ कुटज के रूप में हजारी बाबा को अभिहित किया जा सकता है)

9. मनुष्य की पहचान संघर्ष भूमि में होती है, पूजा की वेदी पर नहीं।

10. मैं अच्छा आस्तिक कभी नहीं रहा हूँ। परंतु बुरा नास्तिक भी नहीं रह हूँ। बुरा आस्तिक दंभी होता है और बुरा नास्तिक अहंकारी। मैं तो सुमनजी, (शिवमंगल सिंह सुमन) एक अद्भुत मिश्रण हूँ। मुझमें थोड़ा दम्भ है, पर अहंकार कम है। कभी-कभी सोचता हूँ कि अहंकारी होता तो अच्छा था। अहंकारी अच्छा, दंभी नहीं।

11. अगर पीड़ा है तो आशा है। जीवन में न जाने कितने रूपों में पीड़ा में छिपी हुई आशा को देखा है।

12. परिस्थितियाँ मनुष्य को कष्ट पहुँचा सकती हैं, धक्का दे सकती हैं, पर रगड़कर नष्ट नहीं कर सकतीं। मनुष्य पतिस्थितियों से बड़ा है, बशर्ते वह 'मनुष्य' हो, किसी तरह जीवित रहकर मरने की तैयारी करते रहने वाला भुनगा नहीं- मनुष्य।

अभिनव
27 अप्रैल 2020

Sunday, 26 April 2020

दूसरी परंपरा की खोज से

पढ़ी गई पुस्तक के कुछ वाक्यों/वाक्यांशों को अपने मित्रों के समक्ष लाने का एक अदना-सा प्रयास किया है। आज की पोस्ट नामवर सिंह रचित #दूसरी_परंपरा_की_खोज के पहले लेख (इसी नाम) से आपको नजर कर रहा हूँ। इस लेख में नामवर सिंह ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल और हजारी बाबा की लेखन परंपरा पर पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है। इस पुस्तक को पुनः पढ़ने का विचार माणिक जी द्वारा विश्व पुस्तक दिवस पर जारी किए गए you tube वीडियो को देखने के बाद आया और साथ ही ये भी कि क्यों न पुस्तक की कुछ पंक्तियाँ दोस्तों संग साझा की जाएँ। आप भी लॉक डाउन में कोई पुस्तक पढ़ रहे हैं तो अपने पसंद की 10-15 पंक्तियाँ अपनी वाल पर लिखें। संभव है कि हम भी उस रचना को पढ़ने हेतु लालायित हो सकें। ये भी हो सकता है कि शायद हमने पहले से पढ़ ली हो लेकिन उस बिंदु पर ध्यान केंद्रित न कर पाए हों। अतः हम सब मिलकर एक-दूसरे से सीखें-सिखाएँ-

1. किसी को यह नहीं समझना चाहिए कि अनार्यों ने हमें कुछ नहीं दिया।वास्तव में प्राचीन द्रविड़ लोग सभ्यता की दृष्टि से हीन नहीं थे। उनके सहयोग से हिन्दू सभ्यता को रूप-वैचित्र्य और रस-गाम्भीर्य मिला। द्रविड़ तत्त्वज्ञानी नहीं थे। पर उनके पास कल्पना-शक्ति थी, वे संगीत और वास्तुकला में निपुण थे। सभी कला-विधाओं में निपुण थे।

2. उन्होंने (कबीर) भारत की समस्त बाह्य आवर्जना का अतिक्रमण करते हुए उसके अंतःकरण की श्रेष्ठ सामग्री को ही सत्य साधना समझकर उपलब्ध किया था। लोकाचार, शास्त्रविधि और अभ्यास के रुद्ध द्वार पर आघात करके उन्होंने भारत को जगाने का प्रयास किया।

3. कबीर के माध्यम से जाति-धर्म-निरपेक्ष मानव की प्रतिष्ठा का श्रेय तो द्विवेदीजी को ही है।

4. कहने को तो यहाँ तक कह जाता है कि द्विवेदीजी की कृतियों में जहाँ उच्छल भावुकता है उसे बंगाल की देन समझना चाहिए और जहाँ तेजस्विता है, वह उनके अपने जनपद (बलिया) की विभूति है। द्विवेदीजी के जीवन और साहित्य का क्रांतिकारी स्रोत उनके अपने जनपद बलिया का लोक-जीवन है।

5. 'कबीर' (हजारी बाबा की रचना का नाम) के साथ इतिहास की एक भिन्न परंपरा ही नहीं आती, साहित्य को जाँचने-परखने का एक प्रतिमान भी प्रस्तुत होता है।

6. आचार्य शुक्ल और हजारी बाबा की परंपरा में अंतर(भाषायी आधार पर)  को इंगित करते हुए नामवर सिंह लिखते हैं कि शुक्लजी की दृष्टि में कबीर की वाणी असाहित्यिक और ऊटपटाँग है। द्विवेदीजी की दृष्टि में कबीर वाणी के डिक्टेटर(तानाशाह) हैं और व्यंग्य के बादशाह हैं।

7. विद्रोही कबीर का पक्षधर समन्वयवादी है और समन्वय के आदर्श तुलसी के पक्षधर क्रांतिकारी, ये कैसी उलटबाँसी हैं? (समन्वय पर विचार व्यक्त करते समय)

8. जिस पक्षधरता में आत्मविश्वास की कमी होती है वही दूसरे पक्ष के प्रति असहिष्णु होता है और सहिष्णुता को संदेह की दृष्टि से देखता है।

अभिनव
26 अप्रैल 2020

Sunday, 5 April 2020

अपनी माटी वीडियो लिंक्स

कोरोना अवकाश के दौर में अध्यापकों हेतु उपयोगी
शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज़रूरी विडियो

(1) स्कूल फेल हो रहे हैं
https://youtu.be/ySWTFDOc4Pk

(2) वे ख़ास पॉइंट्स जहाँ हमारे स्कूल फेल हो रहे हैं
https://youtu.be/uLQtYCVKlYU

(3)डी-स्कूलिंग मतलब स्कूल के बिना शिक्षा
https://youtu.be/tsj5U8xWJB0

(4)नवाचार जो हमें बनाते हैं बेहतर इंसान
https://youtu.be/xPS9FWkGpfo

(5)खेतीबाड़ी से लेक्चरर:अभिनव का संघर्ष
https://youtu.be/XiQXO2OKrjQ

(6)गिजुभाई को समझे बगैर अध्यापकी कैसी?
https://youtu.be/hfepOIBGIt8

(7)मेरे सपनों का स्कूल:महेंद्र नंदकिशोर
https://youtu.be/8X76Ee83850

(8) हौसला कभी नहीं छोड़ा:सांवर की कहानी
https://youtu.be/mMk0jtgopiw

(9)लिमिटेड संसाधनों में नवाचार:बीना बेन
https://youtu.be/ySVmBZwzhho

(10)मुश्किल वक़्त में विद्यार्थियों का जीवन
https://youtu.be/gwPxv9EQQwc

(11)जीवन की सबसे बड़ी उलझन: गिजुभाई
https://youtu.be/KmDcgnQf7hA

अन्य विडियो के लिए लिंक https://www.youtube.com/channel/UCknn7ofOySjeyTrFn8AJaPw

शुक्रिया।बने रहें-जुड़े रहें।
YouTuber Team@Apni Maati
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अपनी माटी के लिंक्स

#StayHome #Covid19
घर में रहकर अपने आपको अपडेट करें.अगर आप अध्यापन से जुड़ें हैं तो ये विडियो आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं.युवाओं सहित अनुभव सम्पन्न अध्यापकों के इंटरव्यू

(1) Improve Your Observation Power
https://youtu.be/9a0Qy52Eui4

(2)Teacher by Heart
https://youtu.be/wPjAtNXxXCE

(3)आज के दौर में गांधीजी:Dr. Renu Vyas
https://youtu.be/prEpQtBhqnw

(4)मेरा कोई गुरु नहीं रहा:डॉ.सत्यनारायण व्यास
https://youtu.be/A0q-sVqBEEI

(5)एक भारतीय युवा की मुश्किल राह:पुष्पराज सिंह राणावत
https://youtu.be/dayUcd2U9Dc

(6)शिक्षा की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं रमेश शर्मा
https://youtu.be/_dGzaAF30wA

(7)Very Practical & Life Changing Message to Youth
https://youtu.be/IpD2oV0_M5Q

(8) School With Difference:विद्या भवन उदयपुर
https://youtu.be/T_biT6X2_lI

(9)Post Card Connection - Exchanging Shoes
https://youtu.be/4nGMjsqqsgI

(10)जनगीतों की संगत ने बदल दिया मेरा जीवन
https://youtu.be/AAsh8ArpY_c

(11)हिंदी मेरी मातृभाषा
https://youtu.be/bY0LHjhqS3g

(12) सांगानेर स्टडी सर्किल की दास्ताँ:अनिरुद्ध
https://youtu.be/ZvHDwJ01c0Q

(13)Teaching art or teaching to think like an artist?
https://youtu.be/1TUnSIYd6d8

(14)नामवर सिंह और अध्यापक होने का
https://youtu.be/YqO0MD5SeJs

(15)जुदा किस्म का सरकारी अध्यापन देखा है?
https://youtu.be/NghZIoEdzho

अन्य विडियो के लिए लिंक https://www.youtube.com/channel/UCknn7ofOySjeyTrFn8AJaPw

शुक्रिया।बने रहें-जुड़े रहें।
YouTuber Team@Apni Maati
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