अभिनव सरोवा,कानाबाती- 9314911782
हुकूमत जो करे वो थोड़ा हर वो काम भी जो लगे घनघोर असंभव। हुकूमत निपटा देती चुटकियों में। वो कुछ भी कर सकती है। कुछ भी मतलब कुछ भी। बस एक न हुआ- कविता की हत्या।
अभिनव 05 मार्च 2020
No comments:
Post a Comment