#राजस्थानमाध्यमिकशिक्षाबोर्ड, अजमेर के तत्त्वावधान में जारी किए गए कक्षा 12 के विषय- हिंदी साहित्य के प्रश्न-पत्र की रूपरेखा पर एक चर्चा....
तैयारकर्ता- अभिनव सरोवा (हिंदी शिक्षक)
वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते मार्च 2020 से विद्यालय बंद रहे हैं. ऐसे में कक्षा-कक्ष शिक्षण न हो पाने के कारण बच्चे लगातार पढ़ाई से वंचित रहे हैं. इसी परिप्रेक्ष्य में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर द्वारा पाठ्यक्रम को संशोधित किया गया है. प्रश्न-पत्र का पैटर्न भी बदला गया है. कुछ महत्त्वपूर्ण बदलाव इसमें किए गये हैं; जैसे उच्च माध्यमिक परीक्षा में पहली बार बहुविकल्पात्मक (अ, ब, स, द वाले) प्रश्न शामिल किए गए हैं. इसके साथ ही आतंरिक विकल्प(अथवा वाले) वाले प्रश्नों में भी पहली बार 2 की बजाय 3 विकल्प मिलेंगे. इस प्रश्न पत्र को निम्न पाँच भागों में विभक्त किया गया है-
1 खंड अ- इस खंड में कुल 11 प्रश्न होंगे. पहले प्रश्न में बहुविकल्प वाले 10 प्रश्न किए जाएँगे. प्रत्येक प्रश्न का अंकभार 1-1 होगा. इसमें भी 4 प्रश्न(I,II,III & IV) हिंदी साहित्य के इतिहास के आधुनिक काल से किए जाएँगे. उसके बाद 2 प्रश्न(V &VI) काव्य-गुण से सम्बंधित होंगे. अगले 2 प्रश्न(VII & VIII) छंद से और अंतिम 2 प्रश्न(IX & X) अलंकार से संबंधित होंगे.
इसी खंड में प्रश्न नम्बर 2 से 8 तक के प्रश्न अति लघूत्तरात्मक श्रेणी के होंगे. इसमें 3 प्रश्न क्रमशः काव्य-गुण(2), छंद(3) और अलंकार(4) से संबंधित होंगे. उसके बाद के 2 प्रश्न(5 & 6) पाठ्यपुस्तक सरयू से होंगे, जिनमें एक गद्य खंड से तो दूसरा पद्य खंड से होगा. आगे के 2 प्रश्न(7 & 8) पूरक पाठ्यपुस्तक मन्दाकिनी से होंगे. इसी खंड में 3 और प्रश्न(9,10 & 11) भी पूछे जाएँगे जिनमे रिक्त स्थान की पूर्ति करवाई जाएगी. इस 3 प्रश्नों में एक प्रश्न काव्य-गुण, दूसरा छंद और तीसरा अलंकार से संबंधित होगा. इस प्रकार प्रश्न-पत्र के 11 प्रश्नों की प्रकृत्ति के बारे में हम जाने चुके हैं. अब आगे के प्रश्नों के विषय में जानने का प्रयास करते हैं.
2 खंड ब- इस खंड में लघूत्तरात्मक श्रेणी के कुल 8 प्रश्न पूछे जाएँगे जो क्रम संख्या 12 से 19 तक रहेंगे. प्रत्येक प्रश्न का अंकभार 2-2 रहेगा. इसमें से पहले 2 प्रश्न (12 व 13) पाठ्यपुस्तक सरयू के गद्य खंड से होंगे और अगले 2 प्रश्न(14 व 15 नम्बर) सरयू के ही पद्य खंड से पूछे जाएँगे. अगले चार प्रश्न(16 से 19 तक) पूरक पाठ्यपुस्तक मन्दाकिनी से किए जाएँगे. इनका अंकभार भी 2-2 अंक ही रहेगा. ये समस्त प्रश्न बच्चे की समझ पर आधारित होंगे.
3 खंड स- इस खंड में कुल चार प्रश्न किए जाएँगे. प्रत्येक प्रश्न का अंकभार 4-4 रहेगा. पहले तीन प्रश्न( 20, 21 और 22) हिंदी साहित्य के इतिहास के आधुनिक काल से होंगे और चौथा प्रश्न (23 नम्बर) अलंकार से संबंधित होगा. इस प्रश्न में अलंकार की परिभाषा और उदाहरण लिखना होगा. संभव है कि पूछे गए अलंकार के लक्षण भी पूछ लिए जाएँ. इसलिए पाठ्यक्रम में शामिल अलंकारों (अन्योक्ति, समासोक्ति, विभावना, प्रतीप और व्यतिरेक) की परिभाषा, लक्षण और एक-एक उदाहरण हर हाल में तैयार रखें.
4 खंड द- इस खंड में कुल 2 प्रश्न होंगे. प्रत्येक प्रश्न का अंकभार 5-5 रहेगा. इसमें पाठ्यपुस्तक सरयू के गद्य और पद्य खंड से एक-एक गद्यांश और पद्यांश की व्याख्या पूछी जाएगी. प्रश्न नम्बर 24 में गद्य खंड से एक व्याख्या पूछी जाएगी. इसमें आतंरिक विकल्प (अथवा) उपलब्ध रहेगा. जिनमें से किसी एक अंश की व्याख्या करनी है. इसी प्रकार प्रश्न नम्बर 25 में सरयू के पद्य खंड से एक व्याख्या पूछी जाएगी. इसमें भी आतंरिक विकल्प (अथवा) मौजूद रहेगा.
5 खंड ई- इस खंड में कुल 3 प्रश्न पूछे जाएँगे. प्रत्येक प्रश्न 6-6 अंक का होगा. इनमें से एक प्रश्न ( 26 नम्बर वाला) सरयू के गद्य खंड से होगा जिसमें कुल 3 विकल्प होंगे और इन तीन विकल्पों में से किसी एक का जवाब लिखना है. इसी प्रकार 27 वाँ प्रश्न सरयू के ही पद्य खंड से होगा. इसमें भी 3 विकल्प (अथवा) होंगे. जिनमें से कोई एक करना है. प्रश्न-पत्र का अंतिम और 28 वाँ प्रश्न पूरक पाठ्यपुस्तक मन्दाकिनी से होगा. इसमें भी वही 3 विकल्प होंगे. जिनमें से किसी एक का जवाब देना होगा.
मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी कोरोनाकाल के संकट को मद्देनजर रखते हुए एक तय रणनीति के तहत अपनी तैयारी रखेंगे. इस पोस्ट को आप सेव करके रख सकते हैं, लिख सकते हैं. मुझे पूरा यकीन है कि ये आपके हर हाल में काम आएगी. अपने शिक्षक साथियों से आग्रह करता हूँ पहले आप पढ़ें और यदि पसंद आये तो अपनी स्कूल के बच्चों संग साझा करें और जहाँ कहीं जरूरत महसूसें, आवश्यक मार्गदर्शन जरूर देवें. आपकी सलाहें और मार्गदर्शन कहीं न कहीं बच्चों के काम आएँगे. सभी बच्चों को शुभकामनाएँ और शिक्षक साथियों का अभिनन्दन. बहुत जल्द परीक्षा के लिहाज से महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर आपकी सेवा में हाज़िर होंगे.
अभिनव सरोवा, हिंदी शिक्षक.
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