योग्यता
हो या
योगयता
करनी पड़ती हैं
प्रमाणित
उन्होंने भी की
हमने भी की।
उन्होंने
इधर-उधर
जिधर-किधर से आकर
किया राज हमीं पर
और दिखाई
अपनी योग्यता।
नहीं तो इतिहास
माँगता जवाब उनसे
कैसे छोड़ दिया
उस भूभाग को
उसीके बाशिंदों के भरोसे?
करने को प्रमाणित
अपनी योगयता
ये क्या कम है
कि हम
रहे हैं गुलाम
गुलाम वंश के।
वरना
कौन मानता हमें
विश्वगुरु
कौन
योगगुरु
और
उससे भी बढ़कर
उपदेशगुरु?
अभिनव सरोवा
15 मई 2019
No comments:
Post a Comment