क्योंकि हम जहर बोते हैं-
हमारे बडेरे
खेतों में अपने
देसी बीज बोते थे
देसी फसल काटते थे
खेतों में ही।
फिर
संकर बोने लगे
छिड़कने लगे जहर
काटने लगे संकर
लेकिन अभी तक खेतों में ही।
लेकिन अब हम
न देसी बोते हैं
न संकर।
अब जहर हैं बोते हम
छिड़कते हैं जहर
काटते हैं जहर
महज खेतों में ही नहीं
घर में भी
समाज में भी
स्कूल में भी
यूनिवर्सिटी में भी
क्योंकि अब हम खेतों में नहीं
सत्ता में जाने लगे हैं।
बाड़बंदी खेतों की नहीं
सत्ता की करते हैं।
अभिनव
15 नवम्बर 2019
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