अभिनव सरोवा,कानाबाती- 9314911782
बगावत-
बेशक खुदादाद ताकत नहीं एक अदद कशिश तो रख। तौफीक न सही शहंशाह पर फतह का, आँख का नूर तो कायम रख। मुमकिन है कि मुनादी हो जाए लश्कर में तेरे नाम की। तू बगावत तो कर तालीम, सेहत और हुनर के वास्ते।।
अभिनव 18 नवम्बर 2019
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