Sunday, 6 August 2017

हिंदी साहित्य की आवश्यकता...

हमारे विद्यालय की सबसे वरिष्ठ कक्षा के बच्चे। तीन दिन में 'गोदान' जैसे उपन्यास को पढ़ने की कुव्वत रखते हैं। अभी इन्हीं के मध्य मैदान में है। पता नहीं कौनसा लिए बैठा होगा।

    गोदान उपन्यास भी कचोटिया पंचायत के गाँवों की यात्रा पर निकला है। देखते हैं क्या कुछ नया लेकर आता है। मुझे नहीं लगता कि वो खाली हाथ आएगा। आज के दिन वो महज एक किताब या जिल्द में बँधे कागज के कुछ पन्ने नहीं हैं। वो एक आइना बन गया है। जिसके अंदर झाँक रहे हैं ये बच्चे।

   ऐसी पुस्तकों की भारी कमी महसूस की जा रही है। कोई सहृदय साथी मेरी और इन बच्चों की मदद करना चाहे तो साधुवाद। साहित्य से सम्बंधित जो भी पुस्तकें आप में से किसी के पास हों तो मुझे भेजने का कष्ट करें। उनका वाजिब मूल्य चुकाया जायेगा। मेरे यहाँ प्रतापगढ़ में ऐसी कोई दुकान नजर नहीं आई।

डाक को पतो-

अभिनव सरोवा
राज.उच्च माध्यमिक विद्यालय कचोटिया

पोस्ट कचोटिया

तहसील पीपलखूंट

जिला प्रतापगढ़

(राजस्थान)

कानाबाती- 9314911782

1 comment:

  1. आपका प्रयास सराहनीय है, मैं यथासंभव इस विषय पर आपकी मदद करुंगा।

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