अभिनव सरोवा,कानाबाती- 9314911782
हवा...
हवा है बहकी है थोड़ी बदली है दिशा पर न भूली है न छोड़ा है व्यवहार अपना तेवर अपने पुनः आई जो रुतबे में उड़ा ले जाएगी शामियाना तेरा।
हवा है जनाब ये पसीना सुखाती भी है तो छुड़ाती भी है।
अभिनव सरोवा 5 जून 2019
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